स्वास्थ्य और बीमारियां

क्या होता है Eagle Syndrome? इन अंगों में होने वाले दर्द को इग्नोर करना पड़ सकता है भारी

ईगल सिंड्रोम (Eagle Syndrome) एक ऐसी बीमारी है, जिसमें गले, कान, जबड़े और सिर में तेज दर्द हो सकता है। यह तब होता है, जब गले के पास एक हड्डी जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है या एक मांसपेशियों को जोड़ने वाला हिस्सा सख्त हो जाता है। यह स्थिति अधिकतर 30 से 50 वर्ष की आयु के लोगों को प्रभावित करती है और महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है। इस बीमारी का नाम डॉक्टर वाटरल ईगल के नाम पर रखा गया, जिन्होंने सन् 1937 में इसे पहली बार पहचाना था।

क्‍यों होता है ईगल सिंड्रोम?

इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण स्टाइलॉइड प्रोसेस हड्डी का जरूरत से ज्यादा लंबा हो जाना है। इसके अलावा सिर या गर्दन में चोट लगना, टॉन्सिल की सर्जरी के बाद बदलाव होना, जन्म से ही हड्डी का बड़ा होना, गठिया या हड्डी से जुड़ी अन्य बीमारियां भी इनके लक्षणों में शामिल हो सकते हैं।

ईगल सिंड्रोम के लक्षण (Symptoms of Eagle Syndrome)

ईगल सिंड्रोम के लक्षण व्यक्ति विशेष पर निर्भर करते हैं, लेकिन इस बीमारी में कई तरह के लक्षण हो सकते हैं। गले में तेज और लगातार दर्द, कानों में दर्द और भारीपन महसूस होना, खाना निगलने में दिक्कत होना, गर्दन घुमाने पर दर्द बढ़ जाना, सिरदर्द और चक्कर आना, जबड़े और चेहरे में अजीब सा अहसास होना, कई बार इस बीमारी को दूसरी बीमारियों जैसे माइग्रेन या जबड़े की समस्याओं से मिलती-जुलती मान लिया जाता है। सही जांच के लिए डॉक्टर एक्स-रे या सीटी स्कैन करवाने की सलाह देते हैं।

ईगल सिंड्रोम का इलाज (Treatment of Eagle Syndrome)

ईगल सिंड्रोम के इलाज के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं।

दवाइयां- दर्द कम करने और सूजन घटाने के लिए दवाइयां दी जाती हैं।

फिजियोथेरेपी- गर्दन और जबड़े की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए कुछ एक्सरसाइज करवाई जाती हैं।

इंजेक्शन थेरेपी- स्टेरॉयड और लोकल एनेस्थेटिक इंजेक्शन से कुछ समय के लिए दर्द में राहत मिलती है।

सर्जरी- अगर बाकी इलाज से आराम नहीं मिलता तो डॉक्टर लंबी हड्डी को छोटा करने के लिए सर्जरी करते हैं।

ईगल सिंड्रोम बहुत कम लोगों को होता है, लेकिन अगर इसका इलाज समय पर न किया जाए तो यह परेशानी बढ़ सकती है। अगर गले, कान या सिर में लगातार दर्द हो तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सही समय पर इलाज कराने से इस बीमारी से राहत पाई जा सकती है।

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