बार-बार लगती है पेशाब, कहीं आपको ये अजीब बीमारी तो नहीं?

Overactive Bladder: आपने देखा होगा कि कुछ लोगों को बार-बार पेशाब करने की शिकायत होती है, जिसके कारण उन्हें काफी डिसकंफर्ट का सामना करना पड़ता है. थोड़ी-थोड़ी देर में बाथरूम जाना जैसे जरूरत बन जाती है. ऐसे में बेहद मुमकिन है कि आपको ओवरएक्टिव ब्लैडर (OAB) नामक सीरियर कंडीशन पैदा हो चुका हो. ये स्थिति तब होती है जब मूत्राशय बार-बार और अचानक पेशाब करने का इशारा देता है, भले ही उसमें बहुत कम यूरिन जमा हो. इससे दिन और रात में कई बार पेशाब जाना पड़ सकता है, जिससे नींद, सोशल लाइफ और मेंटल हेल्थ पर असर पड़ता है.
ओवरएक्टिव ब्लैडर के लक्षण
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-बार-बार पेशाब आना (दिन में 8 से ज्यादा बार टॉयलेट जाना या रात में 2 बार से ज्यादा उठना)
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-अचानक पेशाब की तेज जरूरत महसूस होना
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-पेशाब रोक पाना मुश्किल होना
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-अक्सर पेशाब निकल जाना (urge incontinence)
ऐसा क्यों होता है बार–बार?
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-ब्लैडर के मसल में एब्नॉर्मल कॉन्ट्रैक्शन.
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-बढ़ती उम्र के साथ ये परेशानी आम हो सकती है.
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-नर्व डैमेज, जैसे कि स्ट्रोक, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, या रीढ़ की हड्डी की चोट
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-डायबिटीज
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-यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI)
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-कैफीन या अल्कोहल का ज्यादा सेवन
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-हद से ज्यादा पानी या फ्लूइड इनटेक
इलाज और कंट्रोल करने के उपाय
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-लाइफस्टाइल चेंजेज: कैफीन और अल्कोहॉल का सेवन कम करें. दिन में सीमित मात्रा में पानी पिएं. रात को सोने से 2 घंटे पहले फ्लूइड इनटेक न करें.
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ब्लैडर ट्रेनिंग: पेशाब की आदत को टाइम बाउंड बनाना. धीरे-धीरे पेशाब के ड्यूरेश को बढ़ाना.
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फिजियोथेरैपी और एक्सरसाइज: केगेल एक्सरसाइज से पेल्विक मसल्स मजबूत होते हैं और ब्लैडर कंट्रोल में मदद मिलती है.
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दवाइयां: डॉक्टर कुछ ऐसी दवाएं दे सकते हैं, जो ब्लैडर की एक्टिविटी को शांत करती हैं.
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स्पेशल केस में सर्जरी या न्यूरोस्टिमुलेशन: जब बाकी उपाय काम न करें तो न्यूरोमॉडुलेशन तकनीक अपनाई जा सकती है.
डॉक्टर से कब मिलें?
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-अगर ये परेशानी आपकी नींद, काम या सोशल लाइफ को अफेक्ट कर रही है.
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-अगर पेशाब के साथ जलन, खून या तेज दर्द हो.