Tips For Children Growth: जानें बच्चों की अच्छी ग्रोथ के उपाय, इनको तुरंत अमल में लायें


Tips For Children Growth in Hindi: एक वक्त था जब मां-बाप बाहर खेलते बच्चे को हाथ पकड़कर लाते थे और कहते थे कि कभी घर पर भी बैठ जाया कर। लेकिन अब वो बीते जमाने की बात लगने लगी है। अब तो बच्चों को कहना पड़ता है कि कभी बाहर भी खेल लिया करो, क्योंकि आजकल बच्चे स्कूल से लौटने के बाद खुद को घर में नज़रबंद कर लेते हैं। डिजिटल दुनिया में खो जाते हैं। खेलने-कूदने के लिए बाहर ही नहीं निकलते, जिससे उनकी फिज़िकल-मेंटल हेल्थ पर असर पड़ रहा है।
ब्रिटेन की एक्सेटर यूनिवर्सिटी ने यूरोप और साउथ एशिया के बच्चों पर रिसर्च के बाद अब कहा है कि 34 % बच्चे बाहर नहीं निकलते। जबकि सिर्फ हर 5 में से 1 बच्चा बाहर खेल पाता है। इतना ही नहीं रिसर्च में 50% पुरुष और 49% महिलाओं से जब उन बच्चों को लेकर सवाल किए गए तो पता चला कि बाहर खेलने वाले बच्चों के सोशल स्किल अंदर बंद रहने वालों से 60% ज़्यादा बेहतर थे।
बीमारियों के चक्रव्यूह में फंसते जा रहे बच्चे | Tips For Children Growth in Hindi
यहां बात सिर्फ स्किल की नहीं है, बीमारियों के चक्रव्यूह में फंसने की भी है। खेलकूद कम होगा तो बीमारियों का हमला बढेगा। अपने देश में तो बच्चों को लेकर जो रिपोर्ट आ रही हैं वो फिक्र बढ़ाने वाली हैं। आपको पता है देश में 45% बच्चे ओवरवेट हैं, क्योंकि 28% फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते और 67% एक घंटे से भी कम बाहर खेलते हैं।

ज्यादा स्क्रीन टाइम से बच्चों पर असर | Tips For Children Growth in Hindi
यही नहीं दुनिया के मुकाबले भारत के बच्चों की लंबाई घट रही है। मोटापे के मामले में देश के बच्चे दुनिया में दूसरे नंबर पर हैं। 30% से ज़्यादा की पास की नज़र कमज़ोर है। जिस उम्र में शरीर सुपरफिट होना चाहिए। उस उम्र में उन्हें डायबिटीज, हाइपरटेंशन, रूमेटाइड आर्थराइटिस, थायराइड जैसी घातक बीमारी लग रही हैं। इसलिए आज बच्चों की ना सिर्फ ग्रोथ बढ़ाने पर फोकस करना है बल्कि इन बीमारियों से भी बचाना है। ताकि उम्र के साथ बीमारियों का बोझ ना बढ़े। स्वामी रामदेव से जानते हैं बच्चों को स्वस्थ कैसे बनाएं?
ज्यादा स्क्रीन टाइम से बच्चों में बीमारी | Tips For Children Growth in Hindi
कई कारण हैं जो बच्चों की ग्रोथ पर असर डालते हैं। इसमें सबसे बड़ी चीज है जेनेटिक कारण जिससे बच्चे की ग्रोथ पर असर होता है। इसके बाद न्यूट्रिशन की कमी, वर्कआउट की कमी, ग्रोथ हॉर्मोन, खराब पॉश्चर और कमजोरी इम्यूनिटी भी ग्रोथ को कम करती है। लंबाई न बढ़ने का कारण कम फिजिकल एक्टिविटी, जंकफूड की आदत, न्यूट्रिशंस की कमी और गैजेट्स का ज्यादा इस्तेमाल भी है। अगर बच्चे टीवी और फोन से चिपके रहते हैं तो उनमें कई बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता है। अटेंशन-डेफ़िसिट, हाइपरएक्टिविटी, खराब कंसंट्रेशन, कमजोर नजर, ग्रोथ पर असर, ऑटिज्म जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इससे ब्रेन पर असर होता है, शरीर कमज़ोर होता है और चिड़चिड़ापन, गुस्सा, डिप्रेशन और तनाव बढ़ता है। शरीर में मोटापा बढ़ता है जिससे हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। ऐसे बच्चों की लंबाई पर भी असर होता है।

हाइट बढ़ाने के टिप्स | Tips For Children Growth in Hindi
बच्चों की लंबाई बढाने के लिए उन्हें खूब आउटडोर गेम खिलाएं। रोजाना 30 मिनट योग कराएं। जंकफूड बंद कर दें। रोजाना सुबह आधा घंटा धूप में बैठाएं। खाने में फल, हरी सब्जियां और दालें शामिल करें। वजन कंट्रोल करने के लिए बच्चों को जंक फूड, डब्बा बंद फूड देना बंद कर दें। घर पर बना ताजा खाना ही खिलाएं। खाने में फल-सब्जी की मात्रा बढ़ाएं। वर्कआउट जरूर कराएं। स्पोर्ट्स एक्टिविटी और योग कराएं।
बच्चे की ग्रोथ तेज करने के उपाय | Tips For Children Growth in Hindi
बच्चे की अच्छी ग्रोथ के लिए सबसे पहले उनका स्क्रीन टाइम कम रखें। सुबह जल्दी उठें और रात में बच्चों को जल्दी सुलाएं। टाइम टेबल के साथ बच्चों को काम करनी की आदत डालें। रोज 30 मिनट वर्कआउट करवाएं। इससे बच्चों की ग्रोथ अच्छी होगी। बच्चों की डाइट में प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर चीजें शामिल करें। इसके लिए दूध शतावर, केले का शेक और खजूर-अंजीर का शेक बच्चों को पिलाएं। आजकल छोटी उम्र में ही बच्चों को बड़ी-बड़ी बीमारियां लग रही हैं। कम उम्र के बच्चों को डायबिटीज़, इपरटेंशन, रूमेटाइड आर्थराइटिस, थायराइड, मायोपिया और हार्ट की प्रॉब्लम होने लगी है।





