Health Tips: एंग्जायटी और पैनिक अटैक को तुरंत कैसे कंट्रोल करे, जानें बेस्ट एडवाइस


Health Tips: आजकल लोगों में एंग्जाइटी और पैनिक अटैक आने के मामले काफी बढ़ गए हैं। एंग्जाइटी आपको किसी भी स्थिति, इंसान या बात से हो सकती है। इंसान जब घुटन महसूस करता है और एक ही बात को बार-बार सोचता रहता है तो उसे एंग्जाइटी महसूस होती है। वहीं पैनिक अटैक वह स्थिति है जब किसी व्यक्ति को बिना किसी रियल फियर के या कारण के बहुत डर महसूस होता है। पैनिक अटैक में आपको घबराहट और सांस लेने में तकलीफ महसूस हो सकती है। इसके अलावा कई लक्षण ऐसे महसूस होते हैं कि जैसे दिल का दौरा पड़ रहा हो। ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं और एक बड़ा आसान सा उपाय कर लें।
पैनिक अटैक के दौरान क्या होता है? | Health Tips
जब किसी व्यक्ति को पैनिक अटैक आता है , तो वह बहुत तेजी से सांस लेने लगता है। ऐसे में खून में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड फेफड़ों के जरिए बहुत अधिक मात्रा में बाहर निकल जाती है। इससे शरीर का पीएच संतुलन बिगड़ जाता है। घबराहट, धड़कन तेज होना , सीने या शरीर के अन्य हिस्सों में जकड़न महसूस होना, सीने में भारीपन, सीने के एक तरफ या पीठ में कंधे की मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षणों से यह बदलाव स्पष्ट हो जाता है।
कागज का बैग या थैली कैसे मदद करती है | Health Tips
अगर कोई व्यक्ति जो डिप्रेशन, एंग्जाइटी या पैनिक अटैक की स्थिति में इन लक्षणों को महसूस करता है, तो कागज का बैग उसके लिए मददगार साबित हो सकता है। आपके पास किसी भी कागज का कोई बैग हो। अब व्यक्ति को बस इतना करना है कि कागज की थैली से अपनी नाक और मुंह को ढक लें और उसे मुंह को कसकर बंद रखें। फिर धीरे-धीरे छह से दस बार सांस अंदर और बाहर लेनी है।
एंग्जाइटी और पैनिक अटैक से कैसे बचें | Health Tips
कागज का बैग शरीर से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड को रोकने में मदद करता है। अगर कार्बन डाइऑक्साइड शरीर में बनी रहती है और खून में इसका लेवल नॉर्मल हो जाता है, तो खून का pH सामान्य हो जाता है और कुछ ही मिनटों में लक्षण गायब हो जाते हैं। हालांकि, यदि किसी व्यक्ति को बार-बार पैनिक अटैक आते हैं, तो मनोचिकित्सक या मनोवैज्ञानिक से परामर्श लेना बेहतर है। इससे उन्हें यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि इस समस्या से निपटने के लिए दवा से संबंधित और गैर-दवा से संबंधित जीवनशैली में क्या बदलाव आवश्यक हैं।





