Government Cancer Scheme: जिला अस्पतालों में होगी कीमोथैरेपी, जानें क्या है सरकार का प्लान?


Government Cancer Scheme: दुनियाभर में कैंसर के मामले तेजी के साथ बढ़ रहे हैं और भारत उन देशों के सूची में शामिल हैं, जहां कैंसर के सबसे ज्यादा मामले देखने को मिलते हैं. देश में कैंसर इलाज को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. आधिकारिक बयान के मुताबिक, अगले तीन सालों में देशभर के जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित किए जाएंगे. चलिए आपको विस्तार से बताते हैं कि सरकार क्या कदम उठा रही है. इसका ऐलान केंद्रीय बजट 2025-26 में किया गया था, जिसमें 2025-26 के दौरान ही 200 केंद्र शुरू करने की योजना है. इस पहल का मकसद कीमोथेरेपी जैसी सेवाएं मरीजों के घर के पास उपलब्ध कराना और बड़े टर्शियरी अस्पतालों पर पड़ने वाला दबाव कम करना है. आमतौर पर कैंसर का इलाज कई महीनों तक चलता है और इस दौरान मरीजों को बार-बार अस्पताल जाना पड़ता है. बेहतर परिणाम के लिए नियमित कीमोथेरेपी और फॉलो-अप जरूरी होता है.
गरीब लोगों को पड़ता है भारी | Government Cancer Scheme
ग्रामीण इलाकों या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए शहरों के बड़े अस्पतालों तक बार-बार जाना शारीरिक और आर्थिक दोनों रूप से भारी पड़ता है. यात्रा, रहने, खाने और रोज़ की कमाई छूटने का खर्च परिवार पर अतिरिक्त बोझ डालता है. कीमोथेरेपी ले रहे मरीज अक्सर कमजोर होते हैं और उन्हें एक देखभाल करने वाले व्यक्ति की जरूरत होती है. इससे परिवार की आय पर और असर पड़ता है.
क्या होगा फायदा? | Government Cancer Scheme
जिला अस्पतालों में कीमोथेरेपी सुविधा शुरू होने से मरीजों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और यात्रा से जुड़े दूसरे खर्च भी कम होंगे. इससे परिवारों की बचत होगी और उनकी दिनचर्या पर कम असर पड़ेगा. इन केंद्रों को मंजूरी देने से पहले सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर विस्तृत गैप एनालिसिस किया. जिलों का चयन कैंसर के मामलों की संख्या, मरीजों का भार और उपलब्ध बुनियादी ढांचे के आधार पर किया गया है. इस कार्यक्रम में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर भी खास ध्यान दिया गया है. चुने गए जिलों के डॉक्टरों और नर्सों को चार से छह सप्ताह तक सरकारी मेडिकल कॉलेजों, क्षेत्रीय कैंसर केंद्रों और राज्य कैंसर संस्थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.
इस प्रशिक्षण में कीमोथेरेपी देने की प्रक्रिया, दवा की सही मात्रा तय करना, दिक्कतों से बचाव, आपात स्थिति से निपटना, इंफेक्शन नियंत्रण, दवाओं की सुरक्षित हैंडलिंग और मरीजों को परामर्श देना शामिल रहा। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि जिला स्तर पर भी सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों का पालन हो.
दवाओं को लेकर क्या है नियम? | Government Cancer Scheme
इस पहल की एक और अहम बात यह है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी कीमोथेरेपी दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी. कैंसर इलाज में दवाओं का खर्च सबसे बड़ा हिस्सा होता है। ऐसे में दवाएं मुफ्त मिलने से मरीजों का जेब से होने वाला खर्च काफी घटेगा. सरकार ने दवाओं की खरीद और सप्लाई व्यवस्था को भी मजबूत किया है, ताकि इनकी नियमित उपलब्धता बनी रहे.





