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Monsoon Care: कहीं आपके पैरों में भी तो नहीं पनप रहा फंगल इंफेक्शन? ऐसे करें पहचान

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Monsoon foot Care: मानसून में सड़क पर जमा पानी, गीले जूते-मोजे और लंबे समय तक पैरों में बनी रहने वाली नमी फंगल इंफेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ा देती है। शुरुआत में लोग पैरों की खुजली, जलन या त्वचा के छिलने जैसी समस्याओं को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लक्षण आगे चलकर गंभीर संक्रमण का रूप ले सकते हैं। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो फंगल इंफेक्शन नाखूनों तक फैल सकता है और इलाज में लंबा समय लग सकता है। खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि पैरों में होने वाले फंगल इंफेक्शन के शुरुआती लक्षण क्या हैं, इससे कैसे बचा जा सकता है और किन स्थितियों में डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए।

पैरों में फंगल इंफेक्शन क्या है? | Monsoon foot Care

फंगल इंफेक्शन एक प्रकार का संक्रमण है, जो त्वचा पर फंगस के बढ़ने से होता है। बारिश के मौसम में नमी और पसीने के कारण पैरों की उंगलियों के बीच फंगस तेजी से पनपता है। इसे एथलीट फुट भी कहा जाता है। यदि समय पर इलाज न कराया जाए तो यह संक्रमण पैरों के नाखूनों और त्वचा के अन्य हिस्सों तक फैल सकता है।

फंगल इंफेक्शन के लक्षण | Monsoon foot Care

पैरों की उंगलियों के बीच लगातार खुजली होना। त्वचा का सफेद पड़ना या छिलना। जलन और चुभन महसूस होना। पैरों से बदबू आना। लाल चकत्ते या छोटे दाने दिखाई देना। त्वचा में दरारें पड़ना। नाखूनों का पीला, मोटा या भुरभुरा होना। गंभीर मामलों में दर्द और सूजन होना।

किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है? | Monsoon foot Care

लंबे समय तक गीले जूते या मोजे पहनने वाले। बारिश के पानी में अधिक चलने वाले। खिलाड़ियों और जिम जाने वालों को। डायबिटीज के मरीजों को। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को। बहुत अधिक पसीना आने वाले लोगों को।

फंगल इंफेक्शन से बचाव कैसे करें? | Monsoon foot Care

बारिश में भीगने के बाद पैरों को अच्छी तरह धोकर सुखाएं। रोजाना साफ और सूखे मोजे पहनें। गीले जूते दोबारा पहनने से बचें। पैरों की उंगलियों के बीच नमी न रहने दें। जरूरत पड़ने पर एंटीफंगल पाउडर का इस्तेमाल करें। किसी का तौलिया, जूते या मोजे इस्तेमाल न करें। पैरों के नाखून साफ और छोटे रखें। संक्रमण बढ़ने पर त्वचा विशेषज्ञ से तुरंत सलाह लें।

कब डॉक्टर से संपर्क करें? | Monsoon foot Care

यदि खुजली, जलन या त्वचा का छिलना कई दिनों तक ठीक न हो, संक्रमण नाखूनों तक पहुंच जाए, पस या तेज दर्द होने लगे या डायबिटीज के मरीजों को पैरों में कोई भी संक्रमण दिखाई दे, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

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