Holi Ear Care: कान में चला जाए होली का रंग तो भूलकर भी न करें ये गलती, ऐसे पाएं राहत


Holi Ear Care: होली की मस्ती में अक्सर लोग अपने चेहरे और आंखों को बचाने की कोशिश तो करते हैं, लेकिन कानों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ लोग तो इतने बेपरवाह होते हैं कि वे चेहरे और आंखों तक का ख्याल नहीं रखते, जिसका नुकसान उन्हें बाद में भुगतना पड़ता है। कान शरीर का एक बेहद संवेदनशील हिस्सा हैं। इसलिए आइए इस लेख में हम जानते हैं कि अगर होली के पक्के रंग या केमिकल वाला पानी कान के अंदर चला जाए, तो इसके क्या गंभीर परिणाम हो सकते हैं और होली खेलते समय आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। होली के सूखे गुलाल और पक्के रंगों में सीसा (Lead), क्रोमियम और अभ्रक जैसे हानिकारक रसायन होते हैं, जो कान की नाजुक त्वचा और पर्दे को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
अगर खेलते समय रंग कान के भीतर चला जाए, तो यह न सिर्फ खुजली और जलन पैदा करता है, बल्कि संक्रमण का कारण भी बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार कान में फंसा सूखा रंग नमी पाकर फूल जाता है, जिससे कान बंद होने या ‘टिनिटस’ (घंटी बजने जैसी आवाज) की समस्या हो सकती है। बता दें कि कान की नली बहुत संवेदनशील होती है और इसमें बाहरी रसायनों का जानें से ‘ओटिटिस एक्सटर्ना’ जैसी सूजन वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए होली की मस्ती के बीच कानों की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना बहुत जरूरी है।
कान में रंग जाने से किन चीजों का जोखिम बढ़ जाता है? | Holi Ear Care
कान के भीतर अगर पक्के रंग चले जाते हैं तो फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अगर रंग कान के पर्दे तक पहुंच जाए, तो इससे सुनने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है और तेज दर्द महसूस हो सकता है। रसायनों के कारण कान की बाहरी नली में सूजन, लालिमा और लगातार खुजली की समस्या हफ्तों तक बनी रह सकती है।
क्या गलती नहीं करनी चाहिए? | Holi Ear Care
कान में रंग जाने पर उसे निकालने के लिए माचिस की तीली, चाबी या ईयर बड्स का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, यह रंग को और अंदर धकेल सकता है। कान में अपनी मर्जी से तेल, हाइड्रोजन पेरोक्साइड या कोई भी आई-ईयर ड्रॉप्स न डालें, क्योंकि यह पर्दे को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। कान को जोर से रगड़ने या झटकने की कोशिश न करें, इससे नाजुक ऊतकों में चोट लग सकती है।
अगर कान में रंग चला जाए तो कैसे राहत पाएं? | Holi Ear Care
सबसे पहले सिर को उस दिशा में झुकाएं जिस कान में रंग गया है और उसे धीरे-धीरे हिलाएं ताकि सूखा रंग बाहर गिर जाए। बाहरी हिस्से पर लगे रंग को गीले सूती कपड़े से धीरे से पोंछ लें, लेकिन पानी को कान के छेद के भीतर न जाने दें। अपनी उंगली से हल्के हाथों से कान को हिलाएं, इससे कान में फंसा रंग बाहर आ सकता है। अगर खुजली या भारीपन महसूस हो, तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से मिलें ताकि वे सुरक्षित तरीके से ‘सक्शन’ द्वारा रंग निकाल सकें।
होली खेलते समय ये सावधानियां बरतनी जरूरी | Holi Ear Care
रंग खेलने से पहले कानों में रुई लगाएं और बाहरी हिस्से पर थोड़ा सा गरी का तेल लगा लें। पक्के और रासायनिक रंगों के बजाय केवल ऑर्गेनिक गुलाल का उपयोग करें। आप किसी भी दूसरे को कान के आस-पास रंग न लगाएं, और उन्हें भी ऐसा करने से मना करें।





