ग्रूमिंग टिप्सडाइट और फिटनेसपरवरिशपोषणवेब स्टोरीजस्पेशलिस्टस्वास्थ्य और बीमारियां
Trending

Oral Health Care: ये गलतियां धीरे-धीरे आपके दांतों को बना रही हैं कमजोर

Oral Health Care: आजकल लोग अपनी फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल पर तो खूब ध्यान देते हैं, लेकिन अक्सर ओरल हेल्थ यानी दांतों और मसूड़ों की देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही धीरे-धीरे दांतों को कमजोर बना सकती है। कई बार हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतें दांतों को नुकसान पहुंचाती हैं। शुरुआत में ये समस्याएं मामूली लगती हैं, लेकिन समय के साथ कैविटी, मसूड़ों से खून आना, दांतों में सड़न, बदबू और यहां तक कि दांत टूटने जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं। स्वस्थ दांत न सिर्फ आपकी मुस्कान को खूबसूरत बनाते हैं, बल्कि बेहतर पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी हैं। ऐसे में जरूरी है कि उन गलतियों के बारे में जानें, जो आपके दांतों को कमजोर बना रही हैं और समय रहते उन्हें सुधारें।

  • गलत तरीके से ब्रश करना: बहुत तेज दबाव से या गलत तकनीक से ब्रश करने पर दांतों की ऊपरी परत (एनामेल) घिसने लगती है। इससे दांतों में संवेदनशीलता और मसूड़ों को नुकसान हो सकता है। हमेशा सॉफ्ट ब्रिसल वाले ब्रश का इस्तेमाल करें और हल्के हाथों से कम से कम दो मिनट तक ब्रश करें।

  • दिन में केवल एक बार ब्रश करना: कई लोग सिर्फ सुबह ब्रश करते हैं और रात में बिना ब्रश किए सो जाते हैं। इससे दांतों पर बैक्टीरिया और प्लाक जमा होने लगते हैं, जो कैविटी और मसूड़ों की बीमारी का कारण बन सकते हैं। दिन में दो बार ब्रश करना जरूरी है।

  • ज्यादा मीठा और शक्कर वाली चीजें खाना: चॉकलेट, कैंडी, कोल्ड ड्रिंक और अन्य मीठी चीजों का अधिक सेवन दांतों में कैविटी का खतरा बढ़ाता है। शुगर बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है, जिससे दांत धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं।

  • फ्लॉस करना: सिर्फ ब्रश करने से दांतों के बीच फंसे भोजन के कण पूरी तरह साफ नहीं होते। फ्लॉस न करने से प्लाक जमा हो सकता है और मसूड़ों में सूजन व बदबू की समस्या हो सकती है।

  • धूम्रपान और तंबाकू का सेवन: सिगरेट, गुटखा और तंबाकू न सिर्फ दांतों को पीला बनाते हैं, बल्कि मसूड़ों की गंभीर बीमारियों और मुंह के कैंसर का खतरा भी बढ़ा सकते हैं।

  • बहुत ज्यादा ठंडा या गर्म खाना: बार-बार बहुत गर्म और बहुत ठंडी चीजें खाने से दांतों में संवेदनशीलता बढ़ सकती है। इससे एनामेल पर भी असर पड़ सकता है।

  • पानी कम पीना: कम पानी पीने से मुंह सूखा रहता है और लार का निर्माण कम होता है। लार दांतों को बैक्टीरिया से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

  • नियमित डेंटल चेकअप कराना: कई लोग दांतों में दर्द होने तक डॉक्टर के पास नहीं जाते। हर 6 महीने में एक बार डेंटिस्ट से जांच कराने से छोटी समस्याएं समय रहते पकड़ी जा सकती हैं।

  •  दांतों से बोतल या पैकेट खोलना: दांतों का इस्तेमाल औजार की तरह करने से उनमें दरार आ सकती है या वे टूट सकते हैं। हमेशा सही उपकरण का इस्तेमाल करें।

  • विटामिन और कैल्शियम की कमी: कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन D की कमी दांतों और हड्डियों को कमजोर बना सकती है। दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां और सूखे मेवे अपनी डाइट में शामिल करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button