Migraine: इन गलतियों की वजह से बढ़ जाता है माइग्रेन का दर्द! जानें ऐसे समय में क्या करें


Migraine Pain: माइग्रेन आज के समय में एक आम लेकिन बेहद परेशान करने वाली समस्या बन चुकी है, जो सिर के तेज दर्द, उल्टी, चक्कर और रोशनी या आवाज के प्रति संवेदनशीलता के रूप में सामने आती है। ये समस्या तनाव, खराब जीवनशैली और अनियमित खानपान के कारण और भी बढ़ जाती है। पर, कई बार लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर देते हैं, जो माइग्रेन के दर्द को और ज्यादा बढ़ा देती हैं। सही जानकारी के अभाव में मरीज अपनी दिनचर्या में कुछ ऐसी आदतें अपना लेते हैं, जो उनके लिए नुकसानदायक साबित होती हैं। दरअसल, सबसे पहले तो ये जान लें कि माइग्रेन को पूरी तरह ठीक करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन सही सावधानियां और लाइफस्टाइल में बदलाव करके इसके असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि माइग्रेन के दौरान किन गलतियों से बचना चाहिए।
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खाना स्किप करना (Migraine Pain): लंबे समय तक खाली पेट रहने से शरीर में शुगर लेवल गिर जाता है, जिससे दिमाग को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती। ये स्थिति माइग्रेन अटैक को ट्रिगर कर सकती है और दर्द को अचानक बढ़ा देती है। इसलिए नियमित अंतराल पर संतुलित भोजन लेना जरूरी है।
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कम नींद लेना (Migraine Pain): नींद दिमाग को आराम देने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। जब व्यक्ति पर्याप्त नींद नहीं लेता, तो दिमाग की नसों पर दबाव बढ़ता है, जिससे माइग्रेन का खतरा बढ़ जाता है। अनियमित नींद पैटर्न इस समस्या को और गंभीर बना सकता है।
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ज्यादा स्क्रीन टाइम (Migraine Pain): मोबाइल, लैपटॉप और टीवी की तेज रोशनी दिमाग को अत्यधिक उत्तेजित करती है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर तनाव पड़ता है, जो माइग्रेन के दर्द को और तीव्र कर सकता है।
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कैफीन का अधिक सेवन (Migraine Pain): चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक में मौजूद कैफीन दिमाग की रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करता है। अधिक मात्रा में सेवन करने से नसों में सिकुड़न या फैलाव हो सकता है, जिससे माइग्रेन ट्रिगर हो जाता है।
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स्ट्रेस लेना (Migraine Pain): तनाव माइग्रेन का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। मानसिक दबाव दिमाग में केमिकल असंतुलन पैदा करता है, जिससे दर्द लंबे समय तक बना रह सकता है। लगातार स्ट्रेस माइग्रेन को क्रॉनिक बना सकता है।
तो माइग्रेन में क्या करें? | Migraine Pain
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समय पर खाना खाएं
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7-8 घंटे की नींद लें
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पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं
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स्ट्रेस कम करें और मेडिटेशन करें
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तेज रोशनी और शोर से बचें





