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Pharmacist Day 2026: बिना फार्मासिस्ट की सलाह के दवा लेना कितना खतरनाक? जानें सेल्फ मेडिकेशन के नुकसान

World Pharmacist Day: आजकल सिरदर्द, बुखार, सर्दी-जुकाम या पेट दर्द होते ही लोग बिना डॉक्टर से पूछे खुद ही मेडिकल स्टोर से दवा ले लेते हैं, इसे ही सेल्फ मेडिकेशन कहा जाता है। शुरुआत में इससे आराम मिलता लगता है, लेकिन लंबे समय में यह आदत शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। वर्ल्ड फार्मासिस्ट डे के मौके पर हम आपको इसके नुकसान बताएंगे। हम सभी को ये समझना जरूरी है कि फार्मासिस्ट सिर्फ दवा देने वाला नहीं, बल्कि सही दवा, सही डोज और सही सलाह देने वाला गाइड भी है।

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस – दवा बेअसर हो जाना | World Pharmacist Day

सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार में अक्सर एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती, लेकिन लोग खुद से दवाएं ले लेते हैं। इससे शरीर में मौजूद बैक्टीरिया धीरे-धीरे दवा के आदी हो जाते हैं और अगली बार उसी एंटीबायोटिक का असर खत्म हो जाता है। WHO भी इसे ग्लोबल हेल्थ के लिए बड़ा खतरा बता चुका है।

लिवर और किडनी पर सीधा असर | World Pharmacist Day

हर गोली को पचाने और शरीर से बाहर निकालने का काम लिवर और किडनी करती है। बिना जरूरत के रोज पेनकिलर, बुखार की दवा या गैस की दवा खाने से इन अंगों पर टॉक्सिक लोड बढ़ता है। लंबे समय तक ऐसा करने से लिवर एंजाइम बढ़ना और किडनी फंक्शन कमजोर होने का खतरा रहता है।

गलत डोज – ओवरडोज और अंडरडोज दोनों खतरनाक | World Pharmacist Day

बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिला और वजन कम-ज्यादा वाले लोगों के लिए दवा की डोज अलग होती है। मेडिकल स्टोर से अंदाजे से दवा लेने पर कई बार ओवरडोज हो जाती है जिससे घबराहट, उल्टी, BP लो होना जैसे साइड इफेक्ट दिखते हैं। वहीं कम डोज लेने से बीमारी पूरी तरह ठीक नहीं होती और बार-बार लौट आती है।

एलर्जी और ड्रग रिएक्शन का डर | World Pharmacist Day

कई लोगों को सल्फा ग्रुप, पेनिसिलिन या पेनकिलर से एलर्जी होती है। बिना डॉक्टर को बताए दवा लेने से शरीर पर चकत्ते, खुजली, होंठों में सूजन या सांस फूलने जैसी गंभीर एलर्जी हो सकती है। फार्मासिस्ट ही आपकी हिस्ट्री देखकर बता सकता है कि कौन सी दवा आपके लिए सेफ नहीं है।

असली बीमारी छिप जाती है | World Pharmacist Day

सिरदर्द, पेट दर्द या बुखार को बार-बार पेनकिलर से दबाने से असली कारण का पता ही नहीं चलता। कई बार ये लक्षण टाइफाइड, डेंगू, माइग्रेन या अल्सर के होते हैं। ऊपर से दवा लेने से रिपोर्ट में भी गड़बड़ी आती है और डॉक्टर को सही डायग्नोसिस करने में देरी होती है। इसलिए वर्ल्ड फार्मासिस्ट डे पर यही सलाह है – दवा हमेशा डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन और फार्मासिस्ट की काउंसलिंग के बाद ही लें।

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