ग्रूमिंग टिप्सस्वास्थ्य और बीमारियां
खराब पेट से हो सकता है आंतों का इंफेक्शन, जान लीजिए संक्रमण के मुख्य लक्षण

Intestinal Infection Symptoms: पेट साफ न होना, कब्ज बने रहना या पेट खराब होना सामान्य बात नहीं है। कई बार लोग इसे नॉर्मल पेट खराब मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि ये आंतों का संक्रमण (Intestinal Infection) हो सकता है। जो गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन सकती है। आयुर्वेद में कहा जाता है कि आंतों की सेहत बिगड़ते ही पूरे शरीर का संतुलन डगमगा जाता है। इसलिए पेट खराब के साथ ये लक्षण दिखें तो इन्हें सामान्य समझने की गलती न करें। ये आंतों के इंफेक्शन का लक्षण भी हो सकता है।
आंतों का संक्रमण क्या है? | What is Intestinal Infection?
आंतों का संक्रमण तब होता है, जब बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या परजीवी छोटी या बड़ी आंतों में बढ़ने लगते हैं। इससे पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है और दस्त, पेट दर्द, गैस, उल्टी, बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। आयुर्वेद में इसे अतिसार, ग्रहणी दोष और कृमि रोग से जोड़ा गया है।

आंतों के संक्रमण के प्रमुख लक्षण
- बार-बार दस्त या पतला मल
- पेट में ऐंठन और सूजन
- बदहजमी, गैस और एसिडिटी
- भूख न लगना
- कमजोरी और डिहाइड्रेशन
- बच्चों में वजन न बढ़ना।
आंतों का संक्रमण क्यों होता है?
- गंदा पानी और दूषित भोजन खाने से
- बिना हाथ धोए भोजन करना
- बार-बार एंटीबायोटिक का सेवन करने से पेट के अच्छे बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं
- कमज़ोर पाचन अग्नि के कारण
- तनाव और नींद की कमी
- जंक फूड और अत्यधिक मीठा सेवन।
आंतों का इंफेक्शन ठीक करने के उपाय
- छाछ- अगर आपको लग रहा है कि पेट में कुछ गड़बड़ी हो रही है तो इसके लिए मट्ठा यानि छाछ बहुत फायदेमंद है। इसे आंतों की औषधि कहा जाता है। छाछ में भुना जीरा और चुटकी भर हींग मिलाकर पी लें। इससे आंतों में पनप रहे खराब बैक्टीरिया नष्ट हो जाएंगे। इस तरह दिन में 1-2 बार छाछ पी लें।
- अनार का छिलका या रस- अगर आंतों में इंफेक्शन है तो इसके लिए अनार का सेवन करें। अनार का छिलका या अनार का जूस आंतों को संकुचित कर संक्रमण को नियंत्रित करता है। खासतौर से दस्त में ये फायदेमंद होते हैं।
- अजवाइन और सौंठ- आप इसके लिए अजवाइन और सौंठ का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। इससे पाचन अग्नि तेज होती है और इंफेक्शन कम होता है।
- बेल का गूदा- आयुर्वेद में बेल को अतिसार नाशक माना गया है। ये सिर्फ गर्मी से ही राहत नहीं देता बल्कि पेट और पाचन से जुड़ी समस्याएं भी दूर करता है।
- त्रिफला चूर्ण- रात को गुनगुने पानी के साथ त्रिफला लेने से आंतों की सफाई होती है और संक्रमण जड़ से कम होता है।
- हल्दी वाला दूध- हल्दी प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती है। इससे आंतों की सूजन कम होती है। हल्दी वाला दूध आंतों के लिए फायदेमंद है।
यह भी पढ़ें: रोजाना शरीर को पड़ती है इन विटामिन की जरूरत, जानिए कैसे पूरी करें आवश्यकता
आंतों के इंफेक्शन से कैसे बचें?
- उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं
- खाने से पहले और बाद में हाथ साबुन से धोएं
- बहुत ठंडा और बासी खाना न खाएं
- प्रोबायोटिक के लिए दही, छाछ का सेवन करें
- तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें
- समय पर भोजन करें, अधिक न खाएं।




