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Thyroid: छोटे बच्चों का बढ़ता वजन न करें अनदेखा, हो सकती है यह खतरनाक बीमारी

Thyroid in Kids: आजकल छोटे बच्चों में तेजी से बढ़ता वजन कई माता-पिता के लिए चिंता का कारण बनता जा रहा है. अक्सर लोग इसे ज्यादा खाना, जंक फूड या कम खेलकूद का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई बार अचानक बढ़ता वजन थायरॉइड जैसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है. खासकर अगर बच्चे का वजन बढ़ने के साथ थकान, सुस्ती और कमजोरी जैसी समस्याएं भी दिखाई दें, तो सावधान होने की जरूरत है.

क्या होता है थायरॉइड का काम? | Thyroid in Kids

थायरॉइड गले के सामने मौजूद तितली के आकार की एक छोटी ग्लैंड होती है, जो शरीर के कई जरूरी कामों को कंट्रोल करती है. यह ग्लैंड ऐसे हार्मोन बनाती है, जो बच्चों की ग्रोथ, दिमाग के विकास और शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करते हैं. जब यह ग्रंथि सही तरीके से काम नहीं करती, तब शरीर में कई तरह की दिक्कतें शुरू हो सकती हैं. बच्चों में थायरॉइड की सबसे आम समस्या हाइपोथायरॉइडिज्म मानी जाती है. इसका मतलब है कि थायरॉइड ग्रंथि जरूरत से कम हार्मोन बना रही है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसका सबसे बड़ा कारण हाशिमोटो थायरॉइडाइटिस नाम की ऑटोइम्यून बीमारी हो सकती है, जो कई बार परिवार में पहले से मौजूद रहती है.

जन्म के समय भी हो सकती है दिक्कत | Thyroid in Kids

जन्म के समय भी कुछ बच्चों में यह बीमारी हो सकती है, जिसे जन्मजात हाइपोथायरॉइडिज्म कहा जाता है. वहीं कुछ बच्चों में यह समस्या बड़े होने के साथ विकसित होती है. ऐसे बच्चों में धीरे-धीरे वजन बढ़ना, हमेशा थकान महसूस होना, कब्ज, ठंड ज्यादा लगना, बाल सूखना और पढ़ाई में ध्यान कम लगना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.

क्या होता है दिक्कत? | Thyroid in Kids

डॉक्टरों के अनुसार, सिर्फ वजन बढ़ना हमेशा थायरॉइड का संकेत नहीं होता. लेकिन अगर बच्चा मोटापे के साथ सुस्त रहने लगे या उसकी ग्रोथ प्रभावित हो रही हो, तो जांच कराना जरूरी हो जाता है. कई बार गले में सूजन या थायरॉइड ग्रंथि का बढ़ना भी दिखाई दे सकता है. इसकी पहचान एक साधारण ब्लड टेस्ट से की जा सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स यह भी बताते हैं कि बच्चों में हाइपरथायरॉइडिज्म की समस्या भी हो सकती है. इसमें थायरॉइड जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगता है. ऐसे बच्चों में तेजी से वजन कम होना, ज्यादा घबराहट, चिड़चिड़ापन, बार-बार दस्त होना और आंखों का बाहर की तरफ उभरना जैसे लक्षण दिख सकते हैं.

अगर इलाज मिले तो क्या हो सकती है दिक्कत? | Thyroid in Kids

अगर समय पर इलाज न मिले, तो थायरॉइड बच्चों की शारीरिक और मानसिक ग्रोथ दोनों को प्रभावित कर सकता है. गंभीर मामलों में पढ़ाई पर असर पड़ना, लंबाई कम रह जाना और लगातार कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. डॉक्टरों का कहना है कि थायरॉइड का इलाज संभव है. ज्यादातर मामलों में बच्चों को रोज एक दवा दी जाती है, जिससे हार्मोन संतुलित रहने लगते हैं. इसलिए अगर बच्चे का वजन अचानक बढ़ रहा है या शरीर में असामान्य बदलाव दिखाई दे रहे हैं, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए.

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