Ovary Cyst: दर्द से हैं परेशान और पीरियड्स भी हो गए हैं अनियमित? ये ओवरी सिस्ट का लक्षण है!


Ovary Cyst: ओवरी (अंडाशय) महिलाओं के प्रजनन तंत्र का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। ओवरी में सिस्ट की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। सिस्ट का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में कैंसर का डर बैठ जाता है, हालांकि हर ओवरी सिस्ट कैंसर नहीं होती। ज्यादातर सिस्ट सामान्य होती हैं और समय के साथ अपने आप खत्म भी हो जाती हैं। हालांकि कुछ मामलों में ये बड़ी हो सकती हैं, जिनके लिए सर्जरी जरूरी हो जाता है। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि आहार में गड़बड़ी, मोटापा, शारीरिक गतिविधियों की कमी और हार्मोनल बदलाव जैसी स्थितियों का महिलाओं की सेहत पर कई तरह से नकारात्मक असर होता है। ओवरी सिस्ट भी ऐसी ही दिक्कत है। अगर आपके पेट के निचले हिस्से में अक्सर दर्द रहता है, पीरियड्स अनियमित हैं, बार-बार पेट फूलने या बिना वजह भारीपन महसूस होता रहता है तो इसकी जांच करा लें। ये ओवरी सिस्ट का संकेत हो सकता है।
ओवरी सिस्ट की समस्या को जानिए | Ovary Cyst
अंडाशय में हर महीने अंडाणु विकसित होते हैं, लेकिन कभी-कभी इसी प्रक्रिया के दौरान द्रव से भरी एक छोटी थैली बन जाती है, जिसे ओवरी सिस्ट कहा जाता है। अधिकांश महिलाओं को जीवन में कभी न कभी ओवरी सिस्ट हो सकती है और कई बार उन्हें इसका पता भी नहीं चलता क्योंकि कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। लेकिन जब सिस्ट का आकार बढ़ने लगता है या उसमें जटिलताएं आने लगती हैं, तब दर्द, ब्लीडिंग, पेट में सूजन और अन्य परेशानियां सामने आने लगती हैं। इस समस्या पर अगर ध्यान न दिया जाए और इसका इलाज न हो तो ये प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी) पर भी असर डाल सकती हैं।
क्यों होती है ये दिक्कत | Ovary Cyst
हार्मोनल बदलावों को ओवरी सिस्ट का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। ओव्यूलेशन के दौरान यदि फॉलिकल ठीक तरह से न फूटे या अंडाणु बाहर न निकले, तो उसमें तरल भरकर सिस्ट बन सकती है। इसके अलावा गर्भावस्था के शुरुआती चरण, पेल्विक इंफेक्शन और पीसीओएस जैसी स्थितियां भी जोखिम बढ़ाती हैं। कुछ महिलाओं में आनुवंशिक कारणों से भी सिस्ट की दिक्कत बढ़ जाती है। लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने सिस्ट की समस्या के खतरे को काफी बढ़ा दिया है।
कौन-सी गलतियां पड़ सकती हैं भारी? | Ovary Cyst
अनियमित जीवनशैली हार्मोनल असंतुलन को बढ़ावा दे सकती है, जिसे ओवरी सिस्ट का बड़ा कारण माना जाता है। जंक-प्रोसेस्ड फूड, अधिक चीनी का सेवन, लगातार तनाव, पर्याप्त नींद न लेना या शारीरिक गतिविधि की कमी भी आपके जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है। अध्ययनों में पाया गया है कि धूम्रपान और शराब का सेवन भी शरीर के हार्मोनल संतुलन को प्रभावित कर सकता है। डॉक्टर कहते हैं, छोटी सिस्ट अक्सर बिना किसी लक्षण के रहती हैं। लेकिन जब उनका आकार बढ़ता है, तब पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेट फूलने, बार-बार पेशाब आने या संभोग के दौरान दर्द की समस्या बढ़ जाती है। हर ओवरी सिस्ट को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली जोखिम कम करने में मदद कर सकती है। अपने जोखिमों को कम करने के लिए नियमित रूप से जांच कराती रहें।





