हर दिन सिर्फ 30 मिनट की धीमी सैर से दूर होगा तनाव, एक्सपर्ट से जानें फायदे

World Sauntering Day 2026: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम सब किसी न किसी लक्ष्य की ओर लगातार भाग रहे हैं। सुबह से रात तक काम का दबाव, जिम्मेदारियां, प्रतिस्पर्धा और समय की कमी हमें इस कदर दौड़ाए रखती है कि हम अक्सर वर्तमान पल (Present Moment) की खूबसूरती को महसूस करना ही भूल जाते हैं।
इसी भागदौड़ के बीच हमें जीवन की गति को थोड़ा धीमा करने और बिना किसी जल्दबाजी के आसपास की दुनिया का आनंद लेने की याद दिलाने के लिए हर साल 19 जून को विश्व सैर दिवस (World Sauntering Day) मनाया जाता है।
क्या है ‘सॉन्टरिंग डे’ (Sauntering Day) का मतलब?
‘सॉन्टरिंग’ का सीधा सा अर्थ है- बिना किसी दबाव, तनाव, जल्दबाजी या बिना किसी निश्चित मंजिल के बिल्कुल आरामदायक और सुस्त ढंग से टहलना। यह केवल कैलोरी बर्न करने के लिए तेज पैदल चलना (जॉगिंग) नहीं है, बल्कि चलते हुए अपने आसपास की प्रकृति को महसूस करना है।
चलते समय पक्षियों की चहचहाहट को सुनना।
पेड़ों की हरियाली को करीब से निहारना।
ताजी हवा के स्पर्श को महसूस करना।
राह चलते लोगों के चेहरों की मुस्कान को पढ़ना।
कैसे हुई इस दिन की शुरुआत?
इस अनोखे दिन की शुरूआत सन् 1979 में अमेरिकी जनसंपर्क विशेषज्ञ डब्ल्यू. टी. राबे ने की थी। उस दौर में जब दुनिया भर में जॉगिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा था, तब राबे ने यह विचार रखा कि फिटनेस जितनी जरूरी है, जीवन का आनंद लेने के लिए कभी-कभी धीमे कदमों से चलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
धीमी सैर के बेमिसाल स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits)
विशेषज्ञों के अनुसार, धीमे-धीमे टहलना हमारे शरीर और मन दोनों के लिए एक थेरेपी (Therapy) की तरह काम करता है। यह एक ऐसा हल्का व्यायाम है जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त है क्योंकि इससे जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
हृदय स्वास्थ्य: धीमी वॉक से शरीर में रक्त का संचार (Blood Circulation) बेहतर होता है, जिससे दिल दुरुस्त रहता है।
बेहतर पाचन और नींद: नियमित रूप से पैदल चलने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और रात में नींद की गुणवत्ता (Sleep Quality) सुधरती है।
मानसिक शांति: यह दिमाग को शांत कर सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करता है, जिससे जीवन अधिक संतुलित नजर आने लगता है।
वर्तमान में जीने का सबसे आसान जरिया
अक्सर हमारा दिमाग या तो बीते हुए कल की यादों में उलझा रहता है या फिर आने वाले कल की चिंताओं में खोया रहता है। धीमी सैर हमें वर्तमान क्षण (Present Moment) से जोड़ती है। जब हम बिना किसी हड़बड़ी के चलते हैं, तो हमारा ध्यान उन छोटी-छोटी खूबसूरत चीजों पर जाता है, जिन्हें हम सामान्य दिनों में नजरअंदाज कर देते हैं। इसके अलावा, इससे मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है, जिससे एकाग्रता (Focus) और स्मरण शक्ति (Memory) बेहतर होती है।
सैर है एक नेचुरल स्ट्रेस बस्टर
फिटनेस एक्सपर्ट डॉ. अमित अग्रवाल बताते हैं- “रोजाना नियम से कम से कम 30 मिनट की धीमी गति से की गई सैर न सिर्फ आपके हृदय को स्वस्थ रखती है, बल्कि रक्तचाप (BP) को नियंत्रित करने और मधुमेह (Diabetes) के जोखिम को कम करने में भी बेहद असरदार है। यह हड्डियों को मजबूत बनाकर शरीर की कार्यक्षमता को बढ़ाती है। जब आप प्राकृतिक और हरे-भरे वातावरण में सैर करते हैं, तो आपके मस्तिष्क में सेरोटोनिन (Serotonin) और डोपामाइन (Dopamine) जैसे ‘हैप्पी हार्मोन्स’ का स्तर बढ़ता है। यही कारण है कि सैर को एक प्राकृतिक तनाव निवारक (Natural Stress Buster) माना जाता है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों का कायाकल्प कर सकती है।”




