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World Rabies Day 2026: मिथ को भूल जाएं, 15 मिनट साबुन से धुले और वैक्सीन लगवाएं

World Rabies Day 2026: अगर कुत्ता चाट ले या काट ले तो तुरंत बहते पानी में 15 मिनट तक साबुन के साथ सफाई करें और चिकित्सालय में तत्काल जाएं। विश्व रेबीज दिवस पर (थीम- स्ट्रॉन्गर टूगेदर) रेबीज को खत्म करने के लिए मानव स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, समुदायों और सरकारों के बीच मिलकर काम करने पर जोर देती है। रेबीज़ को खत्म करना सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल 3 (अच्छी सेहत और भलाई) और खास तौर पर SDG टारगेट 3.3 से जुड़ा है। जिसके अंतर्गत 2030 तक कुत्तों से होने वाले रेबीज़ से इंसानों की मौत को शून्य करने का लक्ष्य है। दुनिया भर में इंसानों में रेबीज़ के 99% मामलों के लिए कुत्ते ज़िम्मेदार हैं, इसलिए पूरी रणनीति कुत्तों से इंसानों में इसके फैलाव को रोकने पर केंद्रित है। फार्मासिस्ट फेडरेशन द्वारा अपने फार्मासिस्टों के साथ आमजन को जागरूक करने के लिए लगातार ट्रेनिंग प्रोग्राम और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, फेडरेशन में सभी विधाओं के साथ पशुपालन विभाग के फार्मेसिस्ट भी समन्वित हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा लगातार इस घातक रोग से होने वाले मृत्यु को बचाने के लिए कार्य किया जा रहा है जानवरों के वैक्सीनेशन, जागरूकता फैलाने, चिकित्सा कर्मियों को शिक्षित करने का कार्य राष्ट्रीय रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा चिकित्सालय में वैक्सीन की पूरी उपलब्धता रखी गई है। वेबिनार को संबोधित करते हुए ये बातें फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने बताई। उन्होंने कहा कि’ काटे चाटे श्वान के दुहु भांति विपरीत यह लाइन बिल्कुल सत्य है परंतु कुत्ते के काटने से डर नहीं लगता साहब, डर लगता है इंजेक्शन लगवाने से, ये बात आपने जरूर सुना होगा, यह बिल्कुल ही सत्य नहीं है!

पहली बात तो यह है कि अब कुत्ते का इंजेक्शन पेट में नहीं लगता, जिससे लोग डरते थे, अब कुत्ते के काटने के बाद जो वैक्सीन लगती है वह वैक्सीन चमड़े के ठीक नीचे और बहुत कम मात्रा में हाथों में लगाई जाती है, अतः अब इसमें डरने की कोई आवश्यकता नहीं रही। एक बात और कि रेबीज होने के बाद इसमें मृत्यु की संभावना शत प्रतिशत तक है वहीं समय पर वैक्सीन लेने से इससे बचा जा सकता है। रेबीज़ एक टीका-निवारणीय, जूनोटिक, वायरल रोग है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इसका वैक्सीन और इम्यूनोग्लोबुलीन उपलब्ध है और ज्यादातर सरकारी चिकित्सालयों में निशुल्क लगाया जाता है।

लक्षण… | World Rabies Day 2026

रेबीज का इनक्यूबेशन पीरियड आमतौर पर 2-3 महीने होता है, लेकिन वायरस के प्रवेश के स्थान और वायरल लोड जैसे कारकों के आधार पर एक सप्ताह से एक वर्ष तक भिन्न हो सकती है। रेबीज के शुरुआती लक्षणों में बुखार, दर्द और घाव वाली जगह पर असामान्य या अस्पष्टीकृत झुनझुनी, चुभन या जलन जैसी सामान्य निशानियाँ शामिल हैं। जैसे-जैसे वायरस केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में जाता है, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में प्रगतिशील और घातक सूजन विकसित होती है।

रैबीज के प्रकार | World Rabies Day 2026

रेबीज दो प्रकार की होती है

  • -Furious rabies – (फ्यूरियस रेबीज): अति सक्रियता, उत्तेजक व्यवहार, मतिभ्रम, समन्वय की कमी, हाइड्रोफोबिया (पानी का डर) और एरोफोबिया (ड्राफ्ट या ताजी हवा का डर)। कार्डियो-श्वसन अरेस्ट के कारण कुछ दिनों के बाद मृत्यु हो जाती है।

  • Paralytic rabies (पैरालिटिक रेबीज): कुल मानव मामलों में से लगभग 20% मामलों में इस प्रकार का रेबीज होता है। रेबीज का यह रूप उग्र रूप की तुलना में कम नाटकीय और आमतौर पर लंबे समय तक चलता है। घाव वाली जगह से शुरू होकर मांसपेशियां धीरे-धीरे लकवाग्रस्त हो जाती हैं। धीरे-धीरे कोमा विकसित होता है और अंततः मृत्यु हो जाती है।

समस्या यह है कि रेबीज के लकवाग्रस्त रूप का अक्सर गलत निदान किया जाता है, जिससे बीमारी की कम रिपोर्टिंग होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है कि अगर एक बार केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सेंट्रल नर्वस सिस्टम) में वायरस का संक्रमण हो गया तो यह शत प्रतिशत मौत का कारक हो सकती है। और यह भी सत्य है कि अगर तत्काल  post exposure prophylaxis (PEP) दिया जाए तो इसे सेंट्रल नर्वस सिस्टम तक जाने से रोका जा सकता है अर्थात मृत्यु को रोका जा सकता है। घाव को 15 मिनट तक बहते पानी से डिटेरजेंट द्वारा धुलना, गाइडलाइन में दिए गए समय के अनुसार वैक्सीन का लगाया जाना और यदि जरूरत हो तो इम्यूनोग्लोबिन का लगाया जाना पोस्ट एक्सपोजर प्रोफाइलेक्सिस में सम्मिलित है।

किसके काटने से फैलता है? | World Rabies Day 2026

प्रमुख रूप से रेबीज से संक्रमित कुत्ते, बिल्ली, बंदर या जंगली जानवर के काटने, खरोच मारने या खुली चमड़ी पर चाटने से अर्थात सीधे mucosa के संपर्क में आने जैसे आंख मुंह या कोई घाव को चाट लेने से भी हो सकता है। अंटार्कटिका को छोड़कर रेबीज लगभग सभी देशों में पाए जाने वाला रोग है। वैश्विक स्तर पर रेबीज से प्रतिवर्ष लगभग 59 000 मृत्यु हो रही है, जबकि बहुत सारे ऐसे भी मामले होते हैं जिन्हें रिपोर्ट नहीं किया जाता।

क्या करें जब कुत्ता या जानवर काट ले? | World Rabies Day 2026

तुरंत बाद जल्द से जल्द घाव को किसी भी डिटर्जेंट के साथ लगभग 15 मिनट तक बहते पानी में धुलते रहे जिससे ज्यादा से ज्यादा लार को हटाया जा सके। नजदीकी चिकित्सालय से संपर्क करें। उत्तर प्रदेश के सभी चिकित्सालयों यथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों व अन्य चिकित्सालयों  में एंटी रेबीज वैक्सीन निशुल्क लगाई जाती है।

क्या ना करें? | World Rabies Day 2026

घाव पर मिर्च या अन्य कुछ भी ना लगाएं। कोई पट्टी ना बांधे। दिए गए गाइडलाइन के अनुसार टांका यथासंभव नहीं लगाया जाता है लेकिन यदि बहुत आवश्यकता है तो इम्यूनोग्लोबुलीन लगाने के उपरांत चिकित्सीय देखरेख में ढीला टांका लगाया जा सकता है।

कब कब लगेगा टीका? | World Rabies Day 2026

वर्तमान गाइडलाइन के अनुसार एंटी रेबीज वैक्सीन को इंट्रेडर्मल दोनों हाथों में ऊपर की तरफ डेल्टॉयड एरिया में इंट्रा डर्मल दिया जाता है। जिसका दिन 0,3,7,28 निर्धारित है। हालांकि इम्यूनो कंप्रेस्ड मरीजों में intra muscular (मांस में)का दिवस 0,3,7,14,28 निर्धारित है। जो लोग वैक्सीन का अनुसंधान कर रहे हैं या ऐसे एरिया में काम करते हैं जहां पर इस वैक्सीन के होने की संभावना ज्यादा है उन्हे जानवर काटने के पूर्व भी अपना वैक्सीनेशन करा लेना चाहिए।

फेडरेशन ने अपील की है कि इस बीमारी से खुद को बचाना और दूसरे को बचाना यह हमारी और आपकी सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है इसलिए यदि आप कुत्ता पालते हैं तो उन्हें टीके अवश्य लगाएं, बच्चों को खास तौर पर जानवरों से दूर रखें तथा जानवरों के काटने के उपरांत तत्काल नजदीकी चिकित्सालय के विशेषज्ञ/ फार्मेसिस्ट से राय लें। वेबिनार को प्रोफेसर डॉ. प्रकाश वी दीवान, डॉ. हरलोकेश नारायण, प्रो. मनोज यादव, डॉ. विष्णु डॉ वंदना, डॉ. अभिषेक, अशोक कुमार, आदेश कृष्ण, अवधेश, अजीत आदि ने भी संबोधित किया और जागरूक रहने की अपील की।

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