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Gorakhpur: CPR प्रशिक्षण से विकसित हुआ जीवन बचाने का कौशल, ये मानव जीवन के लिए वरदान

Gorakhpur: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विवि के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की, वहीं मुख्य अतिथि के रूप में राजकीय चिकित्साधिकारी (वाराणसी), प्रख्यात सीपीआर प्रशिक्षक एवं आपातकालीन चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने प्रतिभागियों को नवीनतम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विस्तृत एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि आज विश्वभर में सडन कार्डियक अरेस्ट के मामलों में निरंतर वृद्धि हो रही है और यह केवल वृद्धावस्था तक सीमित न रहकर युवाओं को भी प्रभावित कर रहा है।

Gorakhpur: CPR प्रशिक्षण से विकसित हुआ जीवन बचाने का कौशल, ये मानव जीवन के लिए वरदान

कार्डियक अरेस्ट के बाद प्रारम्भिक कुछ मिनटों में प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा सही तकनीक से सीपीआर दिया जाए तथा शीघ्र चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो, तो असंख्य जीवन बचाए जा सकते हैं। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय का दायित्व केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अनुसंधान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को ऐसे जीवनोपयोगी कौशलों से भी सशक्त बनाना है जो समाज के लिए प्रत्यक्ष रूप से उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि आज के समय में सीपीआर का ज्ञान प्रत्येक शिक्षित नागरिक के लिए उतना ही आवश्यक है जितना किसी भी मूलभूत जीवन कौशल का ज्ञान। ऐसे प्रशिक्षण स्वास्थ्य सुरक्षा, मानवीय संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को नई दिशा प्रदान करते हैं।

Gorakhpur: CPR प्रशिक्षण से विकसित हुआ जीवन बचाने का कौशल, ये मानव जीवन के लिए वरदान

कार्यक्रम की संयोजक एवं गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. दिव्या रानी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि आज अर्जित यह प्रशिक्षण भविष्य में किसी अनजान व्यक्ति के लिए भी जीवनदान का माध्यम बन सकता है।

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