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कहां से शुरू हुआ Hanta Virus? कितना है खतरनाक, क्या है इसके नाम के पीछे की कहानी

Hanta Virus Outbreak: कोविड के बाद हंता वायरस तेजी से फैल रहा है. इस वायरस से ग्लोबल लेवल पर स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है. अटलांटिक की यात्रा पर निकले क्रूज शिप से इस वायरस के संक्रमण की शुरुआत हुई. अब हंता वायरस से गंभीर रूप ले लिया है. WHO विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है कि यह हंता वायरस कोविड और इन्फ्लूएंजा नहीं है. ये काफी अलग तरीके से फैलता है.

क्रूज से फैला वायरस | Hanta Virus Outbreak

हंता वायरस अटलांटिक में मौजूद क्रूज से दुनियाभर में फैला है. वायरस से तीन लोगों को मौत हो चुकी है वहीं कई लोग इस वायरस का शिकार भी है. WHO के अनुसार यह वायरस ज्यादा खतरनाक नहीं है क्योंकि यह एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलता है.

इन देशों के यात्रियों को हुआ हंता वायरस | Hanta Virus Outbreak

  • -अर्जेंटीना के यात्रियों ने भी इसी जहाज से सफर की था.

  • -सेंट हेलेना से लोग भी इस वायरस से संक्रमित जहाज से उतरे हैं.

  • -दक्षिण अफ्रीका के संक्रमित लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

  • -नीदरलैंड और दो डच यात्रियों की मौत इसी वायरस से हुई है

  • -ब्रिटेन के एक आदमी भी इस वायरस का शिकार हुआ.

कितना खतरनाक है हंता वायरस | Hanta Virus Outbreak

हंता वायरस दो तरह का होता है. हंता वायरस मुख्य रूप से किडनी पर हमला करता है. यह वायरस गंभीर हो सकता है लेकिन इस वायरस से मरने वाले लोगों की मृत्यु दर कम होती है. 1 प्रतिशत से लेकर 15 प्रतिशत तक ही है. लेकिन इसका खतरनाक वैरिएंट भी है. जिसका नाम है न्यू वर्ल्ड हंता वायरस, यह वायरस अमेरिका में पाया जाता है. हंता वायरस कॉर्डियोपल्मोनरी सिंड्रोम होता है जो कि सांस की बीमारी है. इस कंडीशन में फेफड़ों में पानी भर जाता है. शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है. इससे मौत की दर 35 से 50 प्रतिशत है. जो कि इस बीमारी को बेहद खतरनाक बनाती है.

हंता वायरस कैसे फैलता है | Hanta Virus Outbreak

यह वायरस अक्सर चूहों से फैलता है. यह चूहों (जो चूहें इस वायरस से शिकार है) के मल-मूत्र से हवा में फैल सकता है.  सांस के जरिए उन कणों के संपर्क में आने पर इंसान हंता वायरस से संक्रमित हो सकता है. यह दो गंभीर बीमारियों को कारण बन सकता है. पहला सांस लेने से संबंधी जिससे फेफड़ों को नुकसान हो सकता है. दूसरा इंटरनल ब्लीडिंग और किडनी फेल्योर की समस्या हो सकती है. चूहे के काटने से भी यह बीमारी फैल सकती है.

हंता वायरस का इतिहास | Hanta Virus Outbreak

कोरियन युद्ध के समय सैनिकों में एक वायरस फैला था. बुखार से सैनिकों की मौत हुई. उस दौरान ग्लोबल लेवल पर इस वायरस की चर्चा हुई थी. 1993 में अमेरिका में भी यह वायरस तेजी से फैला था. इस वायरस ने फेफड़ों को अधिक प्रभावित किया था. हंता वायरस का नाम भौगोलिक स्थिति कंडीशन पर रखा गया था. इस वायरस को पहली बार हंतन नदी Hantan River के पास के चूहों में पाया गया था. वैज्ञानिकों ने चूहों से इस वायरस को अलग किया. जिस जगह पर वायरस मिला उसी नदी के नाम पर इस वायरस का नाम रखा गया.

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