Diwali 2025: त्योहारों में बिगड़ न जाए पाचन? इन उपायों से दूर होगी टेंशन


Diwali 2025: दिवाली रोशनी, मिठास और लजीज खान-पान का पर्व होता है। इस दिन घर-घर में दीपक जलते हैं, तरह-तरह के पकवान बनते हैं और लोग परिवार और दोस्तों के साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेते हैं। हालांकि दीपावली के उत्सव के साथ सेहत को लेकर सावधानी बरतते रहना भी जरूरी हो जाता है। त्योहारों के दौरान खान-पान की अनियमितता, ज्यादा मीठा और तला-भुना खाना खाने से अपच और एसिडिटी जैसी समस्याएं होना बहुत आम है। ये आपके उत्साह में बाधा बन सकती हैं।
त्योहार के समय लोग अपने रूटीन से हटकर देर रात तक जागते हैं, ज्यादा मिठाइयां, नमकीन और स्नैक्स खाते हैं, जिससे पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। दिवाली की खुशियों को बिना किसी असहजता के मनाने के लिए जरूरी है कि हम अपनी डाइट, हाइड्रेशन और खान-पान की आदतों पर ध्यान दें। आइए जानते हैं कि इस दिवाली आप किन बातों का ध्यान रखकर अच्छे से व्यंजनों का आनंद उठा सकते हैं, वो भी पाचन में गड़बड़ी की चिंता किए बिना।
क्या कहती हैं आहार विशेषज्ञ? | Diwali 2025
आहार विशेषज्ञ बताते हैं, खान-पान में गड़बड़ी के कारण एसिडिटी और गैस की समस्या तो होती ही है साथ ही इसके कारण आपको थकान, सिरदर्द और पेट में भारीपन भी महसूस हो सकता है। ये आपके दिवाली के असली आनंद को भी बिगाड़ सकती हैं। दिवाली का मजा तभी है जब शरीर स्वस्थ हो और आप ऊर्जावान महसूस करें। कुछ उपायों को अपनाकर आप इस त्योहारी सीजन में व्यंजनों का आनंद लेने के साथ पाचन स्वास्थ्य को भी ठीक रख सकते हैं।
दिन की शुरुआत नींबू और गुनगुने पानी से करें| Diwali 2025
त्योहारी सीजन में गुनगुना पानी में नींबू डालकर पीने के साथ दिन की शुरुआत करें। ये ड्रिंक शरीर को डिटॉक्स करता है और मेटाबॉलिज्म को ठीक रखता है। नींबू में विटामिन -सी होता है जो पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है, वहीं गुनगुना पानी पीने से पेट के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। जर्नल ऑफ गेस्ट्रोएंटरोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार, नींबू पानी पेट के एसिड बैलेंस को नियंत्रित कर एसिडिटी के लक्षणों को कम करता है। इस उपाय से दिनभर आप हल्कापन महसूस करते हैं और पेट में जलन नहीं होती।

फाइबर युक्त आहार लें | Diwali 2025
दिवाली में लोग मिठाइयां और फ्राइड स्नैक्स ज्यादा खाते हैं जिससे कब्ज बढ़ता है। इस समस्या से बचे रहने के लिए आहार में फाइबर वाली चीजों जैसे सलाद, फल, ओट्स, और हरी सब्जियों को अधिक से अधिक शामिल करें, इसे पाचन ठीक रहता है। आहार विशेषज्ञ बताती हैं, फाइबर पाचन तंत्र को सुचारू रखता है और आंतों की गति को नियंत्रित करता है। मिठाइयों और स्नैक्स के साथ आहार में फाइबर वाली चीजों को शामिल करने से पेट साफ रहता है और गैस की समस्या कम होती है।
भोजन के बाद टहलने की आदत डालें | Diwali 2025
खाने के बाद तुरंत बैठने या लेटने से पाचन पर असर पड़ता है, त्योहारों में दौड़भाग के कारण होने वाली थकान के चलते अक्सर लोग खाने के बाद तुरंत लेट जाते हैं। खाने के बाद 10-15 मिनट की वॉक एसिडिटी को रोक सकती है। खाने के बाद थोड़ी देर तक चल लेने से पाचन क्रिया 30% तक तेजी से होती है। इससे पेट भारी नहीं लगता और नींद भी बेहतर आती है। डायबिटीज रोगियों को भी त्योहारों में इस आदत से लाभ मिल सकता है, इससे शुगर लेवल भी कंट्रोल रहता है।

इन उपायों पर भी दें ध्यान | Diwali 2025
त्योहारों में लोग कोल्ड ड्रिंक या चाय-कॉफी ज्यादा पी लेते हैं जिससे एसिडिटी बढ़ती है। सौंफ पानी, जीरा पानी या पुदीना की चाय पीना बेहतर विकल्प हैं। इनमें मौजूद यौगिक कार्मिनेटिव एजेंट की तरह काम करते हैं जो गैस और अपच को कम करते हैं। दिवाली के दौरान लोग लगातार स्नैकिंग करते रहते हैं। इससे पेट पर दबाव बढ़ता है और एसिडिटी होती है। ओवरईटिंग करने से बचें इससे गैस्ट्रिक एसिड का स्तर बढ़ता है जिससे एसिड रिफ्लक्स होता है। हल्का और स्वस्थ खाना खाएं। पाचन को ठीक रखने के लिए त्योहारी सीजन में कम से कम 2-3 लीटर पानी जरूर पीने की आदत बनाएं। पाचन की दिक्कत होने पर सौंफ-अजवाइन, हर्बल टी, पुदीना जैसे घरेलू उपायों को प्रयोग में लाया जा सकता है।





