Women Health: महिलाएं कैसे रखें अपनी सेहत का ख्याल? जाने 5 जरूरी बातें


Women Health: लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने हमारी सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। महिलाओं की सेहत पर भी इसका सीधा असर देखा जा रहा है। लिहाजा कम उम्र में ही कई गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ती जा रही हैं। हार्मोनल असंतुलन, अनियमित पीरियड्स, थायरॉइड, एनीमिया, डायबिटीज, हृदय रोग और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं आजकल आम होती जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, महिलाओं में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ रहा है। शारीरिक गतिविधि की कमी, पोषक तत्वों की अनदेखी, नींद की कमी और समय पर स्वास्थ्य जांच न कराना महिलाओं को बीमार करती जा रही है।
महिलाओं में एनीमिया रोग काफी आम है, आहार में आयरन की कमी इसका मुख्य कारण है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं खून की कमी से जूझ रही हैं। इसके अलावा हार्मोनल असंतुलन के कारण पीसीओएस, थायरॉइड और अनियमित पीरियड्स की समस्या बढ़ रही है। महिलाओं की सेहत ठीक रहे और वे गंभीर रोगों से बच सकें इसके लिए कुछ जरूरी टिप्स हैं, आइए इस बारे में जानते हैं।
गलत खानपान, जंक फूड का अधिक सेवन, तनाव और नींद की कमी महिलाओं के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करती है। लंबे समय तक तनाव रहने से हृदय रोग और डायबिटीज का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं भारतीय महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर का भी जोखिम देखा जा रहा है। इन समस्याओं से बचाव के लिए आइए जानते हैं कि आप क्या उपाय कर सकती हैं?
नियमित रूप से कराएं हेल्थ चेकअप | Women Health
हर महिला को साल में कम से कम एक बार डॉक्टर की सलाह पर हेल्थ चेकअप जरूर कराना चाहिए। समय पर जांच से ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर, ओवेरियन सिस्ट या हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याओं का पता चल जाता है। 30 की उम्र के बाद इन जांचों की अहमियत और बढ़ जाती है।
मासिक धर्म को समझें, उसे छुपाएं नहीं | Women Health
पीरियड्स को लेकर शर्म या चुप्पी महिला सेहत की सबसे बड़ी दुश्मन है। अनियमित पीरियड्स, बहुत ज्यादा दर्द, ज्यादा ब्लीडिंग या लंबे समय तक पीरियड्स रहना किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। पीरियड्स की समस्याओं के कारण पीसीओएस, थायरॉइड या हार्मोनल गड़बड़ी का खतरा होता है। सही जानकारी और खुलकर बात करने से न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक सेहत भी बेहतर होती है।
आहार में आयरन पर दें विशेष ध्यान | Women Health
महिलाओं में एनीमिया यानी खून की कमी एक आम समस्या है, जिसका मुख्य कारण आयरन की कमी होता है। विशेषज्ञों के अनुसार हर महिला को अपने आहार में आयरन, कैल्शियम, फोलिक एसिड और प्रोटीन जरूर शामिल करना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर, अनार, दालें, गुड़ और सूखे मेवे आयरन के अच्छे स्रोत हैं।
मानसिक स्वास्थ्य को न करें अनदेखा | Women Health
सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी सावधानी बरतते रहना जरूरी है। तनाव, चिंता और डिप्रेशन का सीधा असर हार्मोन, पीरियड्स और प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। लंबे समय तक तनाव रहने से पीसीओएस, अनिद्रा और वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है। मेंटल हेल्थ को ठीक रखने के लिए योग, ध्यान, वॉक करें और शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं।
बीमारी के संकेतों को नजरअंदाज न करें | Women Health
शरीर खुद संकेत देता है कि आप बीमार तो नहीं हैं, बस उन्हें समझने की जरूरत है। असामान्य डिस्चार्ज, पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द, ब्रेस्ट में गांठ, अचानक वजन बढ़ना या घटना ये सभी संकेत किसी न किसी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं। समय पर डॉक्टर से सलाह लेने से इनका निदान और इलाज करके आप बड़ी बीमारियों से बची रह सकती हैं।





