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World Sleep Day 2026: अच्छी नींद लें, बेहतर जीवन जिएं

World Sleep Day 2026: वल्र्ड स्लीप डे हर वर्ष नींद को विभिन्न प्रकार की बीमारियों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिये मनाया जाता है। यह दिन World Sleep Society द्वारा सन् 2008 से मनाया जाता है। इसका उद्देष्य समाज में नींद सम्बन्धित विकारों को कम करना है । यह दिन हर वर्ष शुक्रवार को उस दिन मनाया जाता है जब दिन और रात का समय लगभग बराबर होता है। वर्ष 2026 में विष्व नींद दिवस शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को मनाया जायेगा।

महत्वपूर्ण बिन्दु | World Sleep Day 2026

पूरे विष्व में 10 प्रतिषत वयस्क अनिद्रा से ग्रसित है। यह विष्व में सबसे प्रमुख नीद की बीमारी है। 3-7 प्रतिषत वयस्क Obstructive Sleep Apnea (OSA) से ग्रसित है जो कि दूसरा मुख्य निद्रा विकार है। ज्यादातर वयस्कों में यह बीमारी पता नहीं चल पाती है जबकि यह हाई ब्लड प्रेशर की बामारी एवं कुछ दिमाग सम्बन्धित बीमारियों की प्रमुख वजहों में से एक है। OSA से पूरे विष्व में लगभग 93 करोड वयस्क ग्रसित हैं जिसमें 42 करोड लोगों को Moderate to Severe ग्रेड की OSA बीमारी है। OSA विभिन्न बीामारियाँ जैसे हर्ट की बीमारीए मेटाबोलिक बीमारीए बी0पी0 की बीमारी depression, लकवा जैसी अनेक गम्भीर बीमारियों का risk factor है। एक अनुमान के मुताबिक OSA की बीमारी से सालाना लगभग एक लाख करोड रूपये का व्ययए पूरे विश्व होता है। एक अनुमान के मुताबिक 80 प्रतिषत मरीजों में इस बीमारी का पता देर से चलता है। 2-3 प्रतिषत वयस्क Restless  लेग Syndrome  नामक बीमारी से ग्रसित है।

लगभग 4-5 प्रतिषत वयस्क निद्रा के अन्य विकार जैसे नींद में चलना, Sleep Terror इत्यादि से ग्रसित है। पूरे विष्व में लगभग 45 प्रतिषत व्यक्ति निद्रा की कमी से होने वाले असर को महसूस करते है जो उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करते है। विश्व नींद दिवस 2026 शुक्रवार 13 मार्च को है और इसका विषय है “अच्छी नींद लें, बेहतर जीवन जिएं”। वैज्ञानिक प्रमाण स्पष्ट हैंरू कि आपकी अच्छी नींद स्वास्थ्य और कल्याण के लिए आवश्यक है। अच्छी नींद तंदुरुस्ती को बढ़ाती है जबकि खराब नींद आपके शरीर और मन के लगभग सभी पहलुओं पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। आपकी नींद दैनिक पोषण और व्यायाम जितनी ही महत्वपूर्ण है!

 नींद सम्बन्धी बीमारी के लक्षण | World Sleep Day 2026

  • दिन में अधिकाधिक सोना।

  • नींद पडने में कठिनाई।

  • रात में बार-बार जागना।

  • नींद पूरी ना होना ।

  • खर्राटे आना।

  • नींद के दौरान चोकिंग हो जाना ।

  • सरदर्द।

  • थकान एवं चिडचिडापन।

  • याद्दाष्त में कमी।

  • नींद में चलना बोलना और हाथ पैर चलना।

निद्रा विकार की Diagnosis | World Sleep Day 2026

  • क्लीनिकल history

  • Sleep Diary

  • Physical Examination

  • Screening टूल्स जैसे STOP BANG / ESS score

  • Sleep स्टडी – यह निद्रा विकारो को पता करने का सबसे सटीक टेस्ट है जिसमें दिमाग की हलचल, आँखों की गति शरीर की टोन, हृदय गति, सांस लेने का पैटर्न, हाथ पैर का मूवमेन्ट इतयादि देखकर निद्रा विकार का पता लगाया जाता है।

जटिलतायें | World Sleep Day 2026

  • हृदय की अनेक बीमारियाँ जैसे बी0पी0, हार्ट अटैक, हार्ट ब्लाक इत्यादि।

  • मेटाबाॅलिक डिसआर्डर:- जैसे शुगर और मोटापा ।

  • नसों की बीमारी:- जैसे याद्दाष्त में कमी लकवा इत्यादि।

  • दिन में काम करने की अक्षमता।

  • मानसिक रोग।

निराकरण | World Sleep Day 2026

  • नियमित व्यायाम

  • मोतापा कम करना

  • योग करना

  • CPAP जैसी डिवाइस का इस्तेमाल

  • Oral Devices डिवाइस

  • सर्जरी

  • आक्सीजन थिरेपी इत्यादि।

हमारे पीसीसीएम विभाग की भूमिका | World Sleep Day 2026

हमारे विभाग में इस उभरती और जल्दी ना पकड में आने वाली बीमारी के समुचित Diagnosis  और इलाज के लिये सभी संसाधन उपलब्ध है। हमारे विभाग में State of Art 64 channel  वाली अत्यन्त विकतित Sleep Lab  है जहाँ पर Level -1 Sleep Study की जाती है इसके लिये सम्बन्धित मरीज को एक रात आकर सोना होता है और इस बीमारी के सभी पहलुओं की जांच की जाती है और रिपार्ट आने पर इसका समुचित निराकरण किया जाता है। प्रो. वेद प्रकाश ने कहा कि नींद की कमी और अनियंत्रित स्लीप एपनिया के कारण दिन में अत्यधिक नींद आने लगती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि विशेषज्ञों ने नींद की गुणवत्ता सुधारने के लिए 10–3–2–1–0 नियम अपनाने की सलाह दी है।

इस नियम के अनुसार | World Sleep Day 2026

  • सोने से 10 घंटे पहले – कैफीन और अन्य उत्तेजक पदार्थों का सेवन न करें।

  • सोने से 3 घंटे पहले – भारी भोजन और शराब से बचें।

  • सोने से 2 घंटे पहले – काम या तनावपूर्ण गतिविधियाँ बंद कर दें।

  • सोने से 1 घंटा पहले – मोबाइल फोन, टीवी और अन्य स्क्रीन से दूरी बनाए रखें।

  • सुबह उठते समय स्नूज़ बटन का उपयोग न करें।

प्रो. ऋषि सेठी ने कहा कि पर्याप्त नींद हृदय के स्वास्थ्य और रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। डॉ. श्रीकांत श्रीवास्तव ने बताया कि मेलाटोनिन हार्मोन नींद को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सूर्यास्त के बाद इसका स्तर बढ़ने लगता है और रात के समय यह अपने अधिकतम स्तर पर पहुंच जाता है। डॉ. वीरेंद्र वर्मा ने कहा कि ऊपरी श्वसन मार्ग की संरचनात्मक समस्याएं, जैसे नाक का अवरोध या वायुमार्ग का संकुचन, स्लीप एपनिया और खर्राटों का कारण बन सकती हैं। डॉ. राजेश वर्मा ने बताया कि नींद और मिर्गी (एपिलेप्सी) के बीच द्विदिश संबंध होता है। नींद की कमी से मिर्गी के दौरे बढ़ सकते हैं।

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