Damaged Lungs: वायु प्रदूषण या स्मोकिंग? एक्सपर्ट से जानें फेफड़ों को किससे पहुंचता है ज्यादा नुकसान?


Damaged Lungs: भारत उन देशों में शामिल है जहां वायु प्रदूषण एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। वहीं, स्मोकिंग से सांस से जुड़ी बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि फेफड़ों के लिए क्या ज्यादा खतरनाक है, वायु प्रदूषण या स्मोकिंग? एक्सपर्ट का मनाना है कि दोनों ही फेफड़ों के लिए बड़ा खतरा हैं पर इनके प्रभाव और जोखिम को समझना जरूरी है। ऐसे में चलिए एक्सपर्ट से जानते हैं इनके प्रभाव…
स्मोकिंग क्यों है ज्यादा खतरनाक? | Damaged Lungs
विशेषज्ञों के मुताबिक, सिगरेट के धुएं में 7,000 से ज्यादा रसायन होते हैं, जिनमे से सैकड़ों को हानिकारक और दर्जनों को कैंसर का कारण माना जाता है। जब आप सिगरेट पीते हैं, तो ये हानिकारक पदार्थ फेफड़े तक पहुंच जाते हैं और फेफड़े के कार्य को धीरे-धीरे प्रभावित करने लगते हैं। स्मोकिंग से फेफड़ों की वायु नलियों में सूजन आ सकती है, फेफड़ों की कार्यक्षमता कम हो सकती है और फेफड़ों के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के फेफड़े लगातार जहरीले रसायनों के संपर्क में रहते हैं। यही कारण है कि लंबे समय तक स्मोकिंग करने वालों में COPD, फेफड़ों का कैंसर और सांस संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।”
वायु प्रदूषण भी कम खतरनाक नहीं | Damaged Lungs
हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि वायु प्रदूषण को हल्के में नहीं लिया जा सकता। प्रदूषित हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे कण सांस के जरिए फेफड़ों में पहुंचकर सूजन का कारण बनते हैं। शहर में रहने वाले लोग लंबी अवधि तक प्रदूषित हवा के संपर्क में रहते हैं। यह अस्थमा, ब्रोंकाइटिस,एलर्जी और फेफड़े के कार्य में कमी जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।
कौन ज्यादा हानिकारक है? | Damaged Lungs
डॉक्टर का कहना है कि दोनों की तुलना सीधे तौर पर करना उचित नहीं है, क्योंकि वायु प्रदूषण और धूम्रपान के संपर्क की मात्रा तथा अवधि व्यक्ति-व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकती है। यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से धूम्रपान करता है, तो उसके लिए स्मोकिंग का खतरा आमतौर पर अधिक माना जाएगा। वहीं जो लोग धूम्रपान नहीं करते लेकिन अत्यधिक प्रदूषित क्षेत्रों में रहते हैं, उनके स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
फेफड़ों को कैसे बचाएं? | Damaged Lungs
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-धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों के सेवन से पूरी तरह बचें
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-प्रदूषण वाले दिनों में बाहर निकलते समय मास्क पहनें
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-घर और ऑफिस के वेंटिलेशन का ध्यान रखें
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-नियमित रूप से व्यायाम करें
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-किसी भी तरह के सांस से जुड़ी समस्या को नजरअंदाज न करें
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-समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहें





