Breast Cancer:: युवा महिलाओं में क्यों बढ़ रहा ब्रेस्ट कैंसर? ये शुरुआती लक्षण अक्सर किए जाते हैं नजरअंदाज


Breast Cancer in Young Women: ब्रेस्ट कैंसर को लंबे समय तक एक ऐसी बीमारी माना जाता है जो ज्यादातर उम्रदराज महिलाओं को प्रभावित करती है. लेकिन अब यह धारणा बदल रही है. हाल ही के वर्षों में युवाओं खासकर कम उम्र की महिलाओं में भी इसके मामलों में बढ़ोतरी देखे जा रही है. आंकड़े बताते हैं कि युवा महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में हर साल बढ़ोतरी हो रही है, जो चिंता का विषय बनती जा रही है. आंकड़ों के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर की दर 2012 से 2022 के बीच लगभग 1.4 प्रतिशत प्रति वर्ष थी जो 50 वर्ष से ज्यादा उम्र की महिलाओं की तुलना में ज्यादा है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि युवा महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले क्यों बढ़ रहे हैं और डॉक्टर इसकी शुरुआती लक्षण क्या बताते हैं, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. युवा महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे का कारण
शराब का ज्यादा सेवन (Breast Cancer in Young Women): एक्सपर्ट्स के अनुसार भारत में युवा आबादी ज्यादा होने की वजह से भी इस आयु वर्ग में मरीजों की संख्या ज्यादा दिखाई देती है. इसके अलावा लाइफस्टाइल से जुड़े कई कारण भी खतरा बढ़ा देते हैं. जैसे शराब का सेवन एक बड़ा कारण माना जा रहा है. क्योंकि यह शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को प्रभावित कर सकता है और डीएनए को नुकसान पहुंचा सकता है
मोटापे में बढ़ोतरी (Breast Cancer in Young Women): मोटापे और निष्क्रिय लाइफस्टाइल भी ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं. क्योंकि इससे हार्मोनल असंतुलन और सूजन जैसी समस्याएं होती है जो कैंसर के विकास से जुड़ी होती है.
जेनेटिक कारक (Breast Cancer in Young Women): इसके अलावा कुछ मामलों में जेनेटिक कारण भी ब्रेस्ट कैंसर में बड़ी भूमिका निभाते हैं. जैसे BRCA1 और BRCA2 जिन में बदलाव. हालांकि अधिकांश मामलों में ब्रेस्ट कैंसर जेनेटिक नहीं होता है.
एनवायरमेंटल कारक (Breast Cancer in Young Women): पर्यावरण से जुड़े कारक जैसे प्रदूषण और माइक्रोप्लास्टिक भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ाने वाले कारकों में शामिल माने जा रहे हैं. हालांकि इस पर भी अभी रिसर्च और रिसर्च जारी है.
स्क्रीनिंग की कमी और देरी से पहचान | Breast Cancer in Young Women
एक्सर्ट्स का कहना है कि भारत में ब्रेस्ट कैंसर के लिए व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं है. साथ ही यह धारणा की युवा महिलाओं में यह बीमारी नहीं होती है, कई बार सही समय पर जांच में देरी का कारण बनती है. जागरूकता की कमी और सामाजिक झिझक भी इसके पीछे अहम वजह मानी जाती है.
ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण जिन्हें कर दिया जाता है नजरअंदाज | Breast Cancer in Young Women
डॉक्टरों के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती संकेत अक्सर बहुत हल्के होते हैं, जिन पर लोग ध्यान नहीं देते हैं. जैसे ब्रेस्ट में छोटा और बिना दर्द वाली गांठ बनना, हल्की असहता, स्किन में बदलाव या थकान जैसे संकेत. इसके अलावा निप्पल से असामान्य ब्लड, ब्रेस्ट के आकार या बनावट में बदलाव और लगातार रहने वाली हल्की परेशानी भी शुरुआती संकेत हो सकते हैं. बिजी लाइफस्टाइल के चलते कई महिला इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देती है, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है.
युवा महिलाओं में पहचान क्यों हो जाती है मुश्किल? | Breast Cancer in Young Women
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कम उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट टिश्यू ज्यादा घना होता है, जिससे जांच के दौरान छोटे बदलाव पकड़ना मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा कई बार लक्षणों को सामान्य समस्याएं मान लिया जाता है, जैसे हार्मोनल बदलाव या फाइब्रोएडेनोमा. वहीं सामाजिक झिझक, डर और जागरूकता की कमी भी समय पर डॉक्टर के पास जाने में बाधा बनती है, जिससे बीमारी की पहचान में देरी हो सकती है.





